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हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड:  शेयर कीमत का पूरा 

विश्लेषण और भविष्य की संभावनाएं

नमस्ते! अगर आप स्टॉक मार्केट में रुचि रखते हैं, खासकर मेटल सेक्टर में, तो हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) का नाम जरूर सुना होगा। यह भारत की एकमात्र सरकारी कंपनी है जो कॉपर के पूरे चेन – खनन से लेकर रिफाइंड प्रोडक्ट्स बनाने तक – को हैंडल करती है। दिसंबर 2025 के अंत में इसका शेयर कीमत 520-530 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है, और साल भर में यह 85% से ज्यादा चढ़ चुका है। लेकिन क्या यह रैली जारी रहेगी? क्या निवेश करने का सही समय है? आज हम इसी पर गहराई से बात करेंगे – कंपनी की हिस्ट्री से लेकर लेटेस्ट फाइनेंशियल्स, ग्लोबल कॉपर ट्रेंड्स और एक्सपर्ट ओपिनियंस तक। चलिए,一步一步 समझते हैं।

हिंदुस्तान कॉपर की शुरुआत और बैकग्राउंड

हिंदुस्तान कॉपर की स्थापना 1967 में हुई थी, जब सरकार ने नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन से कॉपर बिजनेस को अलग किया। यह माइंस मिनिस्ट्री के अंडर एक मिनी-रत्न कैटेगरी-1 PSU है। कंपनी के पास भारत में कॉपर की सभी ऑपरेटिंग माइंस हैं – मालंजखंड (मध्य प्रदेश), खेतड़ी (राजस्थान) और घाटशिला (झारखंड)। यह वर्टिकली इंटीग्रेटेड है, मतलब खनन, बेनिफिशिएशन, स्मेल्टिंग, रिफाइनिंग और फाइनल प्रोडक्ट्स जैसे कैथोड, वायर रॉड्स तक सब खुद करती है।

सरकार की होल्डिंग अभी 66.14% है, जो कंपनी को स्टेबिलिटी देती है लेकिन डिसइन्वेस्टमेंट की खबरें हमेशा चर्चा में रहती हैं। पिछले कुछ सालों में कोई बड़ा डिसइन्वेस्टमेंट नहीं हुआ, लेकिन 2025 में भी अफवाहें उड़ती रहीं। कंपनी का मार्केट कैप दिसंबर 2025 में करीब 50,000 करोड़ रुपये के पार है।

शेयर कीमत का हिस्टोरिकल परफॉर्मेंस: उतार-चढ़ाव की कहानी

हिंदुस्तान कॉपर का शेयर हमेशा कॉपर प्राइस से जुड़ा रहा है। 2020 में कोविड के समय यह 18 रुपये तक गिर गया था – ऑल-टाइम लो। लेकिन उसके बाद रिकवरी शानदार रही:

  • 5 साल में रिटर्न: 686% से ज्यादा (यानी 50-60 रुपये से 500+ तक)।
  • 3 साल में: 336%।
  • 1 साल में (2025): 85-90%।
  • सिर्फ दिसंबर 2025 में: 40-50% की तेजी!

52-वीक हाई दिसंबर 2025 में ही 545 रुपये तक पहुंचा, और लो 184 रुपये। यह रैली मुख्य रूप से ग्लोबल कॉपर प्राइस के रिकॉर्ड हाई से आई – LME पर कॉपर $12,000 प्रति टन के पार। भारत में MCX पर भी कॉपर 1100-1200 रुपये प्रति किलो तक चला गया।

पिछले सालों में PSU स्टॉक्स की रैली में HCL टॉप परफॉर्मर्स में रहा, क्योंकि यह प्योर प्ले कॉपर स्टॉक है – कोई डाइवर्सिफिकेशन नहीं।

क्या ड्राइव कर रहा है यह तेजी? मुख्य फैक्टर्स

  1. ग्लोबल कॉपर डिमांड और सप्लाई टाइटनेस: 2025 में कॉपर प्राइस 40-50% चढ़ा। कारण? इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, रिन्यूएबल एनर्जी, AI डेटा सेंटर्स और ग्रिड अपग्रेडेशन। कॉपर को "ग्रीन मेटल" कहा जाता है क्योंकि EV में पेट्रोल कार से 4 गुना ज्यादा कॉपर लगता है। सप्लाई साइड पर माइंस डिसरप्शंस (जैसे इंडोनेशिया, चिली) और अंडरइन्वेस्टमेंट से डेफिसिट बना। एक्सपर्ट्स कहते हैं 2026 में भी डेफिसिट रहेगा, प्राइस $12,000-13,000 तक जा सकता है।

    भारत में डिमांड 9% से ज्यादा बढ़ी – इंफ्रा, कंस्ट्रक्शन और रिन्यूएबल्स से।

  2. कंपनी के फाइनेंशियल्स में सुधार: Q2 FY2026 (सितंबर 2025) में नेट प्रॉफिट 186 करोड़ (83% YoY ग्रोथ), रेवेन्यू 718 करोड़ (38% YoY)। यह ऑपरेटिंग लिवरेज दिखाता है – कॉपर प्राइस बढ़ने से प्रॉफिट ज्यादा तेज चढ़ता है। कंपनी डेट फ्री है, ROE 19% के आसपास।

    कैपेक्स प्लान: माइन कैपेसिटी 12 मिलियन टन तक बढ़ाने का टारगेट FY31 तक, 2000 करोड़ निवेश। NTPC के साथ MoU क्रिटिकल मिनरल्स के लिए।

  3. मार्केट सेंटिमेंट: मेटल सेक्टर हॉट है। FII होल्डिंग बढ़ी, LIC ने कुछ स्टेक कम किया (प्रॉफिट बुकिंग)।

रिस्क्स जो ध्यान देने लायक हैं

हर तेजी के साथ रिस्क भी आते हैं:

  • कॉपर प्राइस वोलेटिलिटी: अगर ग्लोबल इकोनॉमी स्लो होती है या चाइना डिमांड कम होती है, प्राइस गिर सकता है।
  • हाई वैल्यूएशन: P/E 88 के आसपास – सेक्टर से महंगा। बुक वैल्यू से 17 गुना ट्रेडिंग।
  • PSU फैक्टर: गवर्नमेंट पॉलिसी, डिसइन्वेस्टमेंट अफवाहें प्रभावित करती हैं।
  • प्रोडक्शन चैलेंजेस: कुछ प्लांट्स (जैसे घाटशिला) बंद हैं, एक्सपैंशन में डिले हो सकता है।

एक्सपर्ट्स कहते हैं शॉर्ट टर्म में प्रॉफिट बुकिंग आ सकती है, लेकिन लॉन्ग टर्म बुलिश।

एक्सपर्ट ओपिनियंस और टारगेट प्राइस

एनालिस्ट्स ज्यादातर "बाय" रेटिंग दे रहे हैं। एवरेज टारगेट 450 रुपये (कुछ पुराने), लेकिन रिसेंट रैली के बाद कुछ 500-550 तक बोल रहे हैं। HDFC सिक्योरिटीज कहती है क्रिटिकल मिनरल्स में कंपनी की रोल महत्वपूर्ण। सेंट्रम ब्रोकिंग: 460-490 टारगेट। लॉन्ग टर्म में ग्रीन एनर्जी थीम से फायदा।

 निवेश करें या इंतजार?

हिंदुस्तान कॉपर एक क्लासिक कमोडिटी प्ले है – कॉपर बुल मार्केट में यह चमकता है। 2025 की रैली शानदार रही, और 2026 में भी ग्लोबल डिमांड स्ट्रॉन्ग लग रही है। अगर आप लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर हैं और रिस्क ले सकते हैं, तो SIP या डिप पर खरीदारी अच्छी हो सकती है। लेकिन शॉर्ट टर्म में वैल्यूएशन हाई है, थोड़ा करेक्शन आ सकता है।

अंत में, स्टॉक मार्केट में कुछ गारंटी नहीं – अपना रिसर्च करें, फाइनेंशियल एडवाइजर से बात करें। कॉपर का भविष्य ब्राइट लग रहा है, और हिंदुस्तान कॉपर उसका प्योर प्ले है। हैपी इन्वेस्टिंग!

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