3 january , 2026: The Hidden Secret 90% Will Never Know!3 जनवरी 2026: वो छिपा राज़ जो 90% लोग कभी नहीं जान पाएंगे!
3 जनवरी 2026: वो खास दिन जो 90% लोग नहीं जानते! | January 3, 2026: Hidden Secrets & Special Facts You Won't Believe!
दोस्तों, नया साल शुरू हुए बस दो दिन ही हुए हैं और आज 3 जनवरी 2026 है – एक ऐसा दिन जो बाहर से साधारण लगता है, लेकिन इसमें छिपे हैं कई अनोखे राज़। त्योहारों की रौनक, ज्योतिषीय संयोग, खगोलीय चमत्कार और ऐतिहासिक घटनाएं – सब कुछ मिलाकर ये दिन बेहद स्पेशल बन जाता है। मैं सालों से पंचांग, एस्ट्रोनॉमी और इतिहास की दुनिया में घूमता रहा हूं, और मुझे पूरा यकीन है कि ये बातें जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे।
ये दिन सिर्फ एक शनिवार नहीं है – ये पौष पूर्णिमा है, वुल्फ सुपरमून का दिन है, पृथ्वी सूर्य के सबसे करीब (पेरिहेलियन) है, और प्रयागराज में माघ मेले की शुरुआत हो रही है। साथ ही, कुछ ऐसी ऐतिहासिक और मजेदार बातें हैं जो शायद 90% लोग नहीं जानते। चलिए, सरल भाषा में一步一步 सब समझते हैं। मैं हिंदी और इंग्लिश दोनों में बताऊंगा, ताकि सबको आसानी हो।
आज की तारीख और बेसिक जानकारी (Today's Date & Basics)
- दिन: शनिवार (Saturday)
- अंग्रेजी तारीख: 3 जनवरी 2026 (January 3, 2026)
- हिंदू पंचांग के अनुसार: पौष शुक्ल पूर्णिमा (Paush Shukla Purnima)
- विक्रम संवत: 2082
- शक संवत: 1947
- सूर्योदय: दिल्ली में सुबह लगभग 7:14 बजे (Sunrise around 7:14 AM in Delhi)
- सूर्यास्त: शाम लगभग 5:37 बजे (Sunset around 5:37 PM)
- चंद्रोदय: शाम 5:28 बजे के आसपास (Moonrise around 5:28 PM)
- राहुकाल: सुबह 9:00 से 10:30 बजे तक (Rahukaal – avoid auspicious work during this time)
ये साल का तीसरा दिन है, और 2026 लीप ईयर नहीं है, इसलिए कुल 365 दिन होंगे।
त्योहार और व्रत: पौष पूर्णिमा का महत्व (Festivals & Vrats: Paush Purnima Special)
3 जनवरी 2026 को पौष पूर्णिमा है – हिंदू कैलेंडर में ये पहली पूर्णिमा है और बहुत पवित्र मानी जाती है। पूर्णिमा तिथि 2 जनवरी शाम 6:53 बजे से शुरू होकर 3 जनवरी दोपहर 3:32 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार व्रत और पूजा 3 जनवरी को ही की जाती है।
- पौष पूर्णिमा व्रत: इस दिन सत्यनारायण भगवान की पूजा, कथा और व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है, पाप नष्ट होते हैं।
- शकंभरी पूर्णिमा: मां दुर्गा के शकंभरी रूप (सब्जियां देने वाली) की पूजा होती है।
- माघ मेले का पहला स्नान: प्रयागराज में माघ मेला इसी पौष पूर्णिमा से शुरू होता है। लाखों श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाते हैं। 2026 में माघ मेला 3 जनवरी से 15 फरवरी तक चलेगा।
- सत्यनारायण पूजा: कई घरों में शाम को चंद्रोदय के समय अर्घ्य देकर पूजा की जाती है।
In English: January 3, 2026, marks Paush Purnima, the first full moon of the year in the Hindu calendar. It's ideal for fasting, Satyanarayan Puja, and holy baths. This day also kicks off the Magh Mela in Prayagraj, where millions take a dip in the Triveni Sangam for spiritual purification.
ग्रह स्थिति और ज्योतिषीय संयोग (Planetary Positions & Astrology Insights)
ज्योतिष के नजरिए से ये दिन काफी मजबूत है। सूर्य, शुक्र और मंगल मकर राशि में हैं, जो महत्वाकांक्षा और एनर्जी बढ़ाते हैं। चंद्रमा कर्क राशि में पूर्णिमा पर है, जो भावनाओं को गहरा बनाता है।
- मुख्य ग्रह: सूर्य मकर में, चंद्रमा कर्क में (पूर्णिमा पर विरोधी स्थिति – भावनात्मक उतार-चढ़ाव लेकिन आध्यात्मिक लाभ)।
- शुभ योग: कुछ जगहों पर शुभ मुहूर्त पूजा और नए काम शुरू करने के लिए।
- सावधानी: राहुकाल में महत्वपूर्ण काम न करें।
Astrologically, Capricorn stellium (Sun, Venus, Mars) brings focus on career and discipline, while the full moon in Cancer heightens emotions and family matters. It's a powerful day for spiritual practices.
खगोलीय चमत्कार: वुल्फ सुपरमून और पेरिहेलियन (Astronomical Wonders: Wolf Supermoon & Perihelion)
ये दिन एस्ट्रोनॉमी के लिए सुपर स्पेशल है!
- वुल्फ मून सुपरमून: जनवरी की पूर्णिमा को "वुल्फ मून" कहते हैं (सर्दियों में भेड़िए ज्यादा भूखे होते थे)। 2026 में ये सुपरमून है – चंद्रमा पृथ्वी के सबसे करीब (पेरिजी) होने से 14% बड़ा और 30% ज्यादा चमकदार दिखेगा। पीक इलुमिनेशन सुबह 5:03 बजे (IST में दोपहर के आसपास), लेकिन शाम को चंद्रोदय पर सबसे खूबसूरत नजर आएगा।
- पेरिहेलियन: 3 जनवरी को ही पृथ्वी सूर्य के सबसे करीब आएगी (91.4 मिलियन मील)। ये दुर्लभ संयोग है – पूर्णिमा और पेरिहेलियन एक साथ, जिससे चंद्रमा और भी ब्राइट लगेगा।
- क्वाड्रैंटिड्स मीटियर शावर: 3-4 जनवरी की रात को 40 तक उल्काएं प्रति घंटा दिख सकती हैं, लेकिन पूर्णिमा की चमक से कुछ कम।
In English: January 3 features the Wolf Supermoon – brighter and larger due to lunar perigee. Coinciding with Earth's perihelion (closest to Sun), it's a rare triple brightness boost! Also, peak of Quadrantids meteor shower.
वो बातें जो 90% लोग नहीं जानते (Hidden Facts 90% People Don't Know)
- ऐतिहासिक घटनाएं: 1521 में मार्टिन लूथर को पोप ने एक्सकम्युनिकेट किया। 1959 में अलास्का अमेरिका का 49वां राज्य बना। 1977 में एप्पल कंपनी इंकॉर्पोरेट हुई।
- प्रसिद्ध जन्मदिन: मेल गिब्सन (एक्टर), फ्लोरेंस प्यू (एक्ट्रेस), ग्रीटा थनबर्ग (एक्टिविस्ट), जे.आर.आर. टॉल्किन (लॉर्ड ऑफ द रिंग्स लेखक)।
- अनोखे फैक्ट्स: 1996 में पहला फ्लिप फोन (मोटोरोला स्टारटैक) लॉन्च हुआ। 1870 में ब्रुकलिन ब्रिज का निर्माण शुरू हुआ।
- दुर्लभ संयोग: पूर्णिमा + सुपरमून + पेरिहेलियन का ऐसा कॉम्बो आखिरी बार 1912 में हुआ था!
Hidden gems: From Martin Luther's excommunication to Apple's founding, and celebs like Mel Gibson born on this day. Plus, rare cosmic alignment not seen since 1912!
क्यों है ये दिन इतना खास? (Conclusion: Why This Day is So Special?)
3 जनवरी 2026 आध्यात्मिक, खगोलीय और ऐतिहासिक रूप से अनोखा दिन है। पूर्णिमा की ऊर्जा से मन शांत होता है, सुपरमून की चमक से रात रोशनी से भर जाती है, और माघ मेले की शुरुआत से करोड़ों लोगों की श्रद्धा जागती है। अगर आप पूजा करें, ध्यान लगाएं या रात को चंद्रमा निहारें – ये दिन यादगार बनेगा।
In short, January 3, 2026, blends spirituality (Paush Purnima & Magh Mela start), astronomy (Supermoon + Perihelion), and history – a perfect fresh start to the year!
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: पौष पूर्णिमा 2 जनवरी है या 3 जनवरी? उत्तर: तिथि 2 जनवरी शाम से शुरू होकर 3 जनवरी दोपहर तक है, लेकिन व्रत और स्नान 3 जनवरी को ही मनाया जाता है (उदया तिथि के अनुसार)।
Q2: क्या 3 जनवरी को सुपरमून दिखेगा? Yes, the Wolf Moon will appear super-sized and extra bright, especially at moonrise.
प्रश्न 3: माघ मेला कब शुरू हो रहा है? 3 जनवरी 2026 से, पौष पूर्णिमा स्नान से। मुख्य स्नान: मकर संक्रांति (14 जनवरी), मौनी अमावस्या (18 जनवरी) आदि।
Q4: क्या ये दिन शुभ काम के लिए अच्छा है? पूर्णिमा पर पूजा, दान, स्नान शुभ हैं, लेकिन राहुकाल से बचें।
प्रश्न 5: वुल्फ मून क्यों कहते हैं? सर्दियों में भेड़िए ज्यादा भूखे होकर हाउल करते थे, इसलिए जनवरी की पूर्णिमा को वुल्फ मून नाम मिला।
डिस्क्लेमर
ये लेख धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिष और खगोल विज्ञान पर आधारित है। त्योहारों और ग्रह स्थिति की तिथियां पंचांग के अनुसार हैं, जो स्थान के हिसाब से थोड़ी बदल सकती हैं। कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। कोई निर्णय लेने से पहले अपने पंडित या विशेषज्ञ से सलाह लें। हम किसी भी तरह की जिम्मेदारी नहीं लेते।
This article is based on religious beliefs, astrology, and astronomy. Dates may vary slightly by location. Consult experts for personal decisions. No liability accepted.

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